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चाह खुद में तो पैदा कर......



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अँधेरे रास्तों में भी कभी कभी मंजिल मिल जाती हैं
शिद्दत अगर पाने की हो तो हर चीज मिल जाती हैं

चाह अगर जिंदगी जीने की हो तो दोस्तों
कभी मौत क़रीब आकर भी लौट जाती हैं

बस एक छोटा सा वादा खुद से भी करना होता हैं
जो कभी ना मिटे उस चाह को जिन्दा रखना होता है

थक जाती हैं मुश्किलें तुझे मुस्कुराता देखकर
ये वो बन्दा ही नहीं जो बिखर जाय,ये सोचकर

पर जुनून वो नहीं जो हम दुनिया को दिखाते हैं
हम तो जीने की मसाल अपने सीने में जलाते हैं

खुश तुझे रहना हैं और मुस्कुराना भी तुझे ही हैं
जब सब कुछ हैं तेरे अन्दर तो ढूंढता क्यों कहीं हैं

 ऊँचे मुक़ाम पर लोग भला यूंही नहीं पहुंच जाते
जरा पुछो, हर खुशी की कीमत वो खुद हैं चुकाते

जब मंजिल पास आती हैं तब दुनिया साथ आती हैं
इससे पहले की दूरी तो यार अकेले ही चली जाती हैं

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Comments

  1. Yeh true soul ki aavaj hai Dr Anshubhi Bahadur

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  2. मैडम मैं आपके इतना तो पढ़ा लिखा तो नही पर ये कविता पढ़ कर हिम्मत मिलती हैं 100 बार पढी मैने

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  3. अतिसुन्दर बेमिशाल

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  4. Kya baat h....highly motivational

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  5. खुश तुझे रहना हैं और मुस्कुराना भी तुझे ही हैं
    जब सब कुछ हैं तेरे अन्दर तो ढूंढता क्यों कहीं हैं

    bilkul sahi kaha apne

    ReplyDelete

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