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देखो आयी बसंत



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देखो झूम झूम आयी बसंत
हर दिल में छायी है उमंग

खेत सरसों के लहरा रहे हैं
किसान ख़ुशी के गीत रहें हैं

मेहनत माली की भी रंग लायी है
देखो हर तरफ हरियाली छायी हैं

हर कली खिलने को बेताब है
हर दिल में जगी अब आस है

अब तो मौसम भी बहार आ गया
देखो हर दिल में खुमार छा गया

एक दिन को भी न गवाएंगे
मिलकर ख़ुशी के गीत गाएंगे

मौसम भी सौगात लेकर आया है
बसंत ने हर दिल को महकाया है

अब न मिटेगी ये आस
हम सब होंगे एक साथ

दिलों में प्रेम का दीपक जलायेंगे
हर दिन को हम बसंत बनाएंगे

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