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चलो एक लम्हा आज फिर सवांर दो


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चलो एक लम्हा आज फिर सवांर दो
             ये जिंदगी है छोटी, इसे यूँ ही न गुज़ार दो
न वक़्त की कमी हो, न लम्हों का हिसाब हो
             कोशिशें हो बस इतनी कि एक दूजे से प्यार हो

चलो ख्वाबों से उठाते हैं एक पल
              इसका भी कुछ न कुछ तो होगा हल
इसे हकीकत से रूबरू करो दो
              चलो एक लम्हा आज फिर सवांर दो

चलो कुछ पुराने दोस्त बुलाते हैं
              बचपन की यादों को फिर से महकाते हैं
कुछ उनकी सुनो, कुछ अपनी भी कह दो
              चलो एक लम्हा आज फिर सवांर दो

एक अरसा हुआ हैं मनमानी किए हुए
              खुद से ही जैसे हैं बेईमानी किये हुए
अपनी असलियत से रूबरू हो जाने दो
              चलो एक लम्हा आज फिर सवांर दो

कमी कुछ भी तो नहीं हैं जिंदगी में
              सब कुछ तो बसा हैं बंदगी में
सच्चे दिल से किसी को याद तो कर लो
              चलो एक लम्हा आज फिर सवांर दो

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Comments

  1. Aur bahut achha meaning aur ek pyara msg hai sabke lie..gd job

    ReplyDelete
  2. एक अरसा हुआ हैं मनमानी किए हुए
    खुद से ही जैसे हैं बेईमानी किये हुए
    अपनी असलियत से रूबरू हो जाने दो
    चलो एक लम्हा आज फिर सवांर दो
    Bahut sunder line

    ReplyDelete
  3. आपकी उक्त पंक्तियाँ- जिंदगी पर पड़ी,
    वक़्त की बेड़ियों को तोड़ने का संदेश दे रही हैं-
    बहुत सुंदर

    "चलो एक लम्हा आज फिर संवार दो"

    ReplyDelete
    Replies
    1. बहुत बहुत धन्यवाद

      Delete
  4. Kya bat hai mam
    Bahut badiya likha h aapne
    चलो एक लम्हा आज फिर सवांर दो

    ReplyDelete

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